Ticker

6/recent/ticker-posts

Ad Code

computer ka itihas kya hai | कम्प्यूटर का इतिहास और महत्व

Computer ka itihas kya hai
Computer ka itihas kya hai 

computer ka itihas kya hai | कम्प्यूटर का इतिहास और महत्व

हेलो दोस्तों हम सभी जानते हैं आज के दौर में कम्प्यूटर हमारे मानव जीवन पर बहुत ही अहम भूमिका निभा रहा है जो हमारे सभी कार्यों को करने के लिए सुबिधा प्रदान करता है। बढ़ते तकनीक के वजह से हमें कम्प्यूटर सीखना बहुत ही आसान हो गया है और हम कम्प्यूटर सीख भी लेते हैं, मगर हमें कम्प्यूटर का इतिहास तक नहीं पता होता है। मगर मैं आज आप सबके लिए इस पोस्ट में computer ka itihas kya hai है और कम्प्यूटर का इतिहास और महत्व बताने वाला हूँ। मगर दोस्तों कम्प्यूटर का इतिहास जानने से पहले हम थोड़ा कम्प्यूटर के बारें में जान लेते हैं। 

Also read : कम्प्यूटर क्या है ? 



computer ka itihas kya hai | कम्प्यूटर का इतिहास और महत्व

कम्प्यूटर शब्द "कम्प्यूट" से बना एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसका अर्थ गणना करना है। कम्प्यूटर मनुष्यों द्वारा दिये गये कार्यों की गणना करता है और उचित परिणाम प्रदान करता है। 

कम्प्यूटर का इतिहास और महत्व

दोस्तों हम सभी जानते हैं आज का युग बिज्ञाान का युग है और इस युग में रोज नई - नई खोज हो रही है। जिसमें से मानव को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला यंत्र कम्प्यूटर है। कम्प्यूटर मनुष्य के लिऐ हर पहलू में एक जरूरत बन गया है। इसी जरूरत को देखते हुए कम्प्यूटर को आज का युग कहा जा सकता है। आजकल शिक्षा से लेकर मनोरंजन और यातायात से लेकर स्वास्थ्य तक लगभग हर क्षेत्रों में कम्प्यूटर का उपयोग होता है। 

कम्प्यूटर का आविष्कार चार्ल्स बैवेज ने किया इन्हीं के माध्यम वस कम्प्यूटर का शुरूवाती दौर 18वीं शताब्दी में ही शुरू हो गया। इसकी शुरूवात तब हुआ जब दुनिया तकनीक से बिलकुल अंजान था। इंसान आंखो से जो देखता था उसी को समझता था। चार्ल्स बैवेज एक गणितज्ञ थे जिसकी वजह से 14 जून 1822 में कम्प्यूटर बनाने का दावा किया था, जो सिर्फ अंको की गणना करने में सक्षम था, मगर कुछ विद्वानों का इस यंत्र के निर्माण पर मतभेद है। उसमें से ज्यादातर विद्वानों का मानना है दुनिया का पहला गणना यंत्र अबेकस है और इसका निर्माण चार्ल्स बैवेज हैं। उस दौर में मैनुअली जो काम लोग करने में अधिक समय लगाते थे उस काम को इस यंत्र का प्रयोग करके मिनटो में कर दिया करते थे। इसी वजह से आज का युग कम्प्यूटर का युग कहा जाता है। 

कम्प्यूटर का इतिहास 




computer ka itihas kya hai | कम्प्यूटर का इतिहास और महत्व

Abacus ( अबेकस ) -

अबेकस दुनिया का पहला यांत्रिक गणना यंत्र था, जिसका निर्माण आज से लगभग 500-1000 साल पहले चीन में हुआ था। यह केवल गणितीय गणना करने में सक्षम था। यह गणना मशीन हाथों से बने क्षैतिज तारों वाली लकडी़ में मोती पिरो कर बनाया गया था। इस यंत्र में 100 मोतियां थी, जिसकी गणना करने के लिऐ मोतियों की स्थिति को बदल दिया करते थे। 

Pascaline ( पास्कलाइन )- 

कम्प्यूटर की शुरूवात तो अबेकस से तो हो ही गयी थी मगर उसमें त्रुटी होने के कारण अधूरा था जो सभी प्रकार के गणना करने में असक्षम था। मगर यह सभी कमियों को सुधारने के लिये फ्रांस के बैज्ञानिक Blaise Pascal ने 1642 में दुनिया की पहली मैकेनिकल गणना मशीन बनाया, जिसका नाम Pascaline रखा। 

Blaise Pascal दुनिया के मसहूर गणितज्ञ थे, जिन्होंने विश्व की दूसरी अंकीय गणना यंत्र का निर्माण किया। इसमें आठ घूमने वाले पहिऐ जैसा बाक्स लगा होता था, डायल ( Dail ) कहा जाताा था। इन डायल का उपयोग सरल अंकीय गणनाओं को करने के लिऐ किया जाता था। 

Laibniz Calculation ( लैबनिज़ कैलकूलेशन ) -

कम्प्यूटर तकनीकी दौर में एक नाम लैबनिज़ कैलकूलेशन के साथ जुड़ गया। यह भी एक अंकीय गणना यंत्र था। इस कलकुलेटर की डिजाइन 1673 में एक गणितीय गोटफ्राइट लीबनीज के अंतर्गत हुआ मगर यह 1994 में जाकर बना। यह यंत्र भी एक गणितीय गणना करने में ही सक्षम था।

Defference Engine ( डिफिरेंस इंजन )-

चार्ल्स बैवेज ने फिर एक बार अपनी कामयाबी की महारथ हासिल किया, जो सन् 1822 में Defference Engine ( डिफिरेंस इंजन ) का आविष्कार करके इतिहास रच दिया। यह मशीन एक स्वाचालित गणना करने वाली मशीन थी जो हाथो से चलती थी। यह वह दौर था जब दुनिया तकनीकी से बिलकुल अंजान था। 

Analytical Engine ( एनालिटिकल इंजन ) -

दुनिया के मशहूर गणितज्ञ चार्ल्स बैवेज ने सन् 1837 में Analytical engine का आविष्कार करके दुनिया का पहला मैकेनिकल डिजिटल कम्प्यूटर की नींव डाली। कम्प्यूटर के सफर में चार्ल्स बैवेज की यही कामयाबी को देखते हुये इन्हें कम्प्यूटर का जनक कहा जाने लगा। यह कम्प्यूटर स्टीम इंजन द्धारा संचालित था। इस कम्प्यूटर में डेटा स्टोर और आउटपुट के लिऐ पंचकार्ड और प्लाटर का उपयोग किया जाता था। 

Programing computer ( प्रोग्रामिंग कम्प्यूटर )

चार्ल्स बैवेज ने कम्प्यूटर की नींव तो डाल ही चुके थे जो काफी हद तक मनुष्यों के दिमाग पर निर्भर था। चार्ल्स बैवेज के आविष्कार के दौरान लोगों में कुछ बदलाव आने लगा था और तकनीक को समझने की शक्ति भी बढ़ने लगी थी। मगर कम्प्यूटर जैसी कोई और मशीन बनेगी किसी को मालूम नहीं था। 

इसी कमी को दूर करने के लिऐ कोनराड जूस ने लगभग 1936-1938 में एक प्रोग्रामिग कम्प्यूटर का निर्माण कर दिया। यह वह दौर था जब लोग कम्प्यूटर से बिलकुल अंजान थे, मगर दुनिया में कुछ बैज्ञानिक कम्प्यूटर के खोज क्रांति में लगे थे। 

जर्मनी के बैज्ञानिक कोनराड जूस ने दुनिया का पहला प्रोग्रामिंग कम्प्यूटर का आबिष्कार किया। चार्ल्स बैवेज का कम्प्यूटर कुछ हद तक मनुष्यों के दिमाग पर निर्भर था मगर कोरनाड का कम्प्यूटर खुद प्रोग्रामिंग से चलता था। कोनराड ने इस कम्प्यूटर का नाम "Z1" रखा। 

Digital computer ( डिजिटल कम्प्यूटर ) -

कोनराड जूस के आबिष्कार के बाद यूरोपिय देशों ने एक नयी क्रांती का जन्म दिया। यह वह दौर था जब लोग समय के साथ कम्प्यूटर से जागरूक होने लगे थे और लोगों की उपयोगिता भी बढ़ने लगी थी। क्योंकि लोग जिस काम को हजार लोग मिलकर करते थे उस काम कम्प्यूटर मिनटो में कर देता था। समय के साथ दुनिया में अनेक आबिष्कार हुऐ। 

कम्प्यूटर का इतिहास क्या है



जे.प्रेसपर एकर्ट ने एक डिजिटल कम्प्यूटर का निर्माण किया जो पूरी तरह डिजिटल था। कोनराड के बाद लोगों को जगरूकता नहीं थी कि दुनिया में और भी आविष्कार देखने को मिलेगा। मगर जे. प्रेसपर एकर्ट ने दुनिया का पहला डिजिटल कम्प्यूटर का निर्माण किया जो पूरी तरह इलेक्ट्रानिक था। हालांकि इस कम्प्यूटर की खोज 1946 में एकर्ट ने अपने प्रोफेसर जाॅन मोकली के किया था। दोनों ने इस कम्प्यूटर का नाम ENIAC ( Electronic numerical integrator and Computer) रखा। 

डिजिटल कम्प्यूटर के आबिष्कार के बाद लोगों की जरूरत दिन प्रतिदिन बढ़ने लगी थी। मगर इसको बनाने के लिए मुस्किल यह था कि इस कम्प्यूटर को बनाने के लिऐ फार्मूला किस कंपनी दिया जाय। बाद जे. प्रेसपर एकर्ट और जाॅन मोकली ने खुद कि कंपनी में बनाने का निर्णय लिया जिसका नाम ECC ( electronic discrete control company ) रखा।

हेलो दोस्तो आज हमने जाना computer ka itihas kya hai । कम्प्यूटर का इतिहास और महत्व को जानने से आपको कुछ ज्ञान जरूर मिला होगा और हमें उम्मीद है आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी। 

और पढ़ें:


 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ