optical disc ke udaharan kya hai? Type of
CD,DVD,BlUE RAY
हेलो दोस्तो आज मैं बात करने वाला हूं ऑप्टिकल डिस्क ड्राइव क्या है और optical disc ke udaharan क्या हैं?, optical disc ki paribhasha क्या है?
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| optical disc ke udaharan kya hai |
optical disc ke udaharan kya hai?
ऑप्टिकल डिस्क पॉली कार्बोनेत
प्लास्टिक से बना गोल डिस्क होती है, जिसमे एक सतह को प्रकाश परिवर्तित करने के लिए
एलयुमोनियम की पतली परत चढ़ाकर चमकदार बनाया जाता है। जिसमे कम- संचालित लेजर बीम
का उपयोग करके लिखा और पढ़ा जा सकता है। इसे लेजर डिस्क भी कहते हैं। ऑप्टिकल डिस्क
मे ट्रैक बाहर से अंदर की ओर एक सर्पिला आकार का होता है, जिसके कारण ऑप्टिकल डिस्क
का एक्सेस टाइम मैग्नेटिक डिस्क से अधिक होता। अर्थात डाटा को पढ़ने मे अधिक समय लगता
है।
Optical disc का इतिहास
Optical disc का निर्माण 1960 में James T. Russel ने करके विश्व का सबसे पहला रिकार्ड कायम किया परन्तु उसके बाद भी philips company ने 1970 में एक optical disc बनाया,जिसे 1980 के आसपास सबसे पहले comercial cd Sony and philips के साथ मिलकर compact disc बनाया, जिसमें सिर्फ आडिओ ही स्टोर किया जा सकता था।
ऑप्टिकल डिस्क एक
सेकन्डेरी मेमोरी के उदाहरण है, जो एक portable डिवाइस होती है अर्थात इसके द्वारा कंप्युटर मे डाटा को एक कंप्युटर से
दूसरे कंप्युटर मे आशानी से ट्रैन्स्फर किया जा सकता है। आप्टिकल
डिस्क भी कंप्युटर मे एक डाटा स्टोरेज करने का माध्यम है, जो डाटा को एक बड़े मात्रा
मे audio video, मल्टीमीडिया, application
अथवा सॉफ्टवेयर के रूप मे स्टोर करता है।
ऑप्टिकल डिस्क मे डाटा को पिटस और लैंडस मे स्टोर करता है। अब आपके मन सवाल होगा की pits
और lands क्या है? डिस्क मे डाटा लिखने के लिए
उच्च क्षमता वाले लेजर बीम का प्रयोग होता हैं, जिसमे डिस्क के सतह पर ही कुछ छोटे-
छोटे गड्ढे हो जाते हैं, जिन्हे हम pits कहते हैं और उन्ही गड्ढों
मे कुछ समतल जगह बच जाती हैं, जिसे मे lands कहते हैं। pits
का मान बाइनरी मे 0 और lands का मान 1 होता हैं।
advance:
- कम्प्यूटर में साॅफ्टवेयर का उपयोग
- कम्प्यूटर के वर्गीकरण
- कंप्युटर मे सेकन्डेरी मेमोरी क्या है ?
- Computer क्या है।
- कम्प्यूटर हार्डवेयर क्या है ?
- सीपीयू क्या है।
optical disc ke udaharan kya hai?
ऑप्टिकल डिस्क के प्रकार
- CD- compact disc
- DVD
- BLUE-RAY
- HVD
CD- Compact Disc -
सबसे पहले मै बताऊँगा
आपको सीडी क्या है और इसका इस्तेमाल कैसे होता है? तो आपके जानकारी के लिए बात
देता हूँ यह डिवाइस पहले के कंप्युटर मे एक portable डिवाइस के रूप मे किया
जाता था, जिसके ऊपर लेजर बीम का इस्तेमाल होता था, जो डाटा को read/write करता था। सीडी की
स्टोरेज क्षमता लगभग 700 mb थी, जो आज के डिस्क के तुलना मे कुछ भी नहीं है।
Type of CD - सीडी के प्रकार
दोस्तों सीडी भी
कंप्युटर मे कई तरह की उपयोग होती थी, आओ जाने सीडी की कितने प्रकार होते हैं।
- CD- ROM- COMPACT DISC READ ONLY MEMORY
- CD- WORM- COMPACT DISC WRITE ONCE READ MANY
- CD– RW- COMPACT DISC READABLE/WRITABLE/REWRITABLE
CD- ROM- COMPACT DISC READ ONLY
MEMORY-
अब मै बताने वाला हूँ,
ऑप्टिकल मे सीडी रोम क्या है और इनके कार्य प्रयोग के बारे मे। तो आओ सुरू करें-
CD- ROM का पूरा नाम compact
disc read only memory है, इस डिस्क मे हम
डाटा को write नहीं कर सकते है यानि डाटा को डाल नहीं सकते हैं। वैसे
आप लोगों के मन मे एक ही सवाल आ रहा होगा की डाटा के read/write से क्या तात्पर्य है?
यहाँ read/write का अगर हम मतलब निकाले
तो कंप्युटर या किसी अन्य drive, disc मे जब हम डाटा को डालते हैं या भेजते हैं तो इस
प्रक्रिया को write करना कहलाता हैं और जब भी हम computer या किसी अन्य ड्राइव
या डिस्क से डाटा को निकाल रहे हों तो उस स्थिति read करना कहलाता हैं। दोस्तों
अब आप सबके मन एक सवाल और आता होगा की सीडी-रोम का इस्तेमाल कहा होता है? तो आओ
जाने – इसका इस्तेमाल कंप्युटर मे ante virus डालने के लिये किया जाता है। इसमे डाटा को इसके manufacturing के
समय ही डाल दिया जाता है, जिसमे सॉफ्टवेयर ante virus और gaming हो सकता है।
optical disc ke udaharan kya hai?
CD –worm -
इसका full form compact disc write once many है। आपके मन मे ये जरूर सवाल होगा की यह कैसा cd है और यह कैसे काम करता है, इसका इस्तेमाल कहा किया जाता हैं। तो आओ जानते हैं-
इस cd मे सिर्फ एक बार write किया जा सकता है और बार – बार रीड किया जा सकता है। अब सवाल यह है की cd- worm का प्रयोग कैसे किया
जाता है? तो जान लीजिए- यह cd एक portable cd है, इसका इस्तेमाल एक कंप्युटर से दूसरे कंप्युटर मे
डाटा ट्रैन्स्फर करने हेतु किया जाता हैं। इस डिवाइस का इस्तेमाल पेन ड्राइव से
पहले एक portable डिवाइस के रूप मे किया जाता था। इस सीडी मे किसी भी प्रकार के
मूवी विडिओ औडियो डालकर देखने के लिए किया जाता था।
दोस्तों जब हमारे पास
मोबाईल नहीं हुवा करती थी तो बाजार से cd लाते थे जिसमे किसी blank cd मे मूवी, audio विडिओ डलवा कर सीडी
ड्राइवर से तब यानि television मे कोनेक्ट करके उस मूवी को देखते थे, जिसमे सिर्फ एक ही
बार विडिओ डाली जा सकती थी।
CD- RW-
अब हम जानेंगे cd- rw का full form क्या है? इसका full form compact disc readable/writable/re-writable है। इसका इस्तेमाल कंप्युटर मे re use करने के लिए किया जाता है अर्थात इस सीडी मे दोबारा विडिओ डाल जा सकता है। इसका इस्तेमाल cd worm की तरह बिल्कुल भी नहीं हैं, इसमे जो हम मूवी या विडिओ डलवाते है। उसे देख कर हम दोबारा किसी अन्य मूवी को डलवा सकते हैं। इसिलए इस सीडी को usable cd भी कहते हैं अर्थात जिस सीडी मे पुनः यानि बार – बार write कर सकते हैं उसे cd- rw कहते हैं सीडी को birn करने का मतलब डाटा को write करना होता हैं।
DVD क्या है? इसका इस्तेमाल कैसे होता है?
डीवीडी भी एक अधिक
मात्रा मे डाटा को स्टोर करने वाली डिवाइस है, जिसमे ज्यादातर audio, video स्टोर की जाती हैं। यह डिवाइस भी सीडी रोम की
तरह ही होती है। पहले इसका प्रयोग चलचित्रों के लिए किया जाता था मगर अब और काफी कार्यों
के लिए किया जाता है। जैसे मान लीजिय डाटा स्टोर, औडियो विडिओ आदि। इसमे डाटा के दो
लेयर संग्रहीत होते हैं, जिसमे एक लेयर की क्षमता 4.7 gb तथा
दो लेयर की क्षमता 8.5 gb होती है। डीवीडी के दोनों सतहों का इस्तेमाल डाटा स्टोर करने के लिए किया जाता
है। जिसके कारण डीवीडी की स्टोरेज क्षमता दोगुनी हो जाती है। डीवीडी मे भी डाटा को
पढ़ने के लिए लाल रंग का लेजर बीम का प्रयोग होता है, जिसकी स्टोरेज क्षमता 4.7 से 17 gb तक होती है।
Type of DVD-डीवीडी के प्रकार
- DIGITAL VIDEO DISC/ VERSATILE DISC/4.7MB,17MB
- DVD-SSSL- DVD-SINGLE SIDE SINGLE LEGER
- DUP- SSDL- SINGLE SIDE DOUBLE LAGER
- DVD- DSSL- DVD DOUBLE SIDE SINGLE LAGER
- DVD- DSDL- DVD- DOUBLE SIDE DOUBLE LAGER
Blue- Ray Disc-
आओ जाने blue- Ray disc क्या है ? Blue-ray disc optical storage device का ही latest version है, जिसमें हम डाटा large amount में स्टोर कर सकते है। इसमें red lager beam की जगह blue lager बीम का इस्तेमाल होता है जिसकी वजह से Audio, video के regulations high quality होती है। आज कल आडियो और वीडियो की quality भी कई format (HD) में आने लगा है, जिसे स्टोर करने के लिए blue - Ray disc में लगे blue lager beam का इस्तेमाल होता है। ब्लू-रे डिस्क की स्टोरेज क्षमता 128 gb तक की होती है।
HVD-
इसका पूरा नाम holographic versatile disc है। यह holographic Technic का होता है, जिसमे लाल लेजर बीम और हरा लेजर बीम का उपयोग करके डाटा को read/write किया जाता है। hvd मे रेड और ग्रीन रेजर बीम को एक ही बीम मे रखा जाता है। इसका निर्माण लगभग 2004-2008 के मध्य मे किया गया, जो सक्सेस नहीं हुआ।
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हैलो दोस्तों आज geniusecomputertech.in मे हमने optical disc ke udaharan kya hai बताया और साथ ही साथ सीडी के प्रकार, डीवीडी के प्रकार के बारे मे जाना, तो दोस्तों ये पोस्ट कैसी लगी कमेन्ट करके जरूर बताना।

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