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computer software ki jankari/system software/ कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के कार्य और प्रकार

Computer software ki jankari

Computer software ki jankari 

computer software ki jankari/system software/ कंप्यूटर

 सॉफ्टवेयर के कार्य और प्रकार

दोस्तों आज मैं इस नये चेप्टर में computer software ki jankari देने वाला हूँ जो बहुत ही महत्वपूर्ण है।

कम्प्यूटर की दुनिया में सबसे पहले निर्देश ( command ) आते हैं, उसके बाद प्रोग्राम और साॅफ्टवेयर आते हैं। इन्हीं आदेशों प्रोग्रामों और प्रक्रियों के समूह को साॅफ्टवेयर कहते हैं अब सवाल यह है कि प्रोग्राम क्या है, निर्देशों के समूह को प्रोग्राम कहते हैं सॉफ्टवेयर एक कंप्यूटर प्रोग्राम और संबंधित डेटा का एक संग्रह है जो कंप्यूटर को यह बताने के लिए निर्देश प्रदान करता है कि क्या करना है और कैसे करना है। 

एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर को छुआ या देखा नहीं जा सकता है लेकिन यह काम करने के लिए आवश्यक है। सॉफ्टवेयर के बिना, एक कंप्यूटर स्याही के बिना पेट्रोल या कलम के बिना एक कार की तरह है। एक कंप्यूटर के दो मुख्य भाग होते हैं हार्डवेयर 37 और सॉफ्टवेयर। हार्डवेयर वह भौतिक हिस्सा है, जिसे हम छू सकते हैं और महसूस कर सकते हैं। हार्डवेयर स्वयं कुछ भी नहीं कर सकता है। इसके लिए एक तार्किक घटक की सेवाओं की आवश्यकता होती है जो कंप्यूटर के मस्तिष्क के रूप में कार्य करता है। यह तार्किक घटक सॉफ्टवेयर के अलावा कुछ नहीं है। 

यह हार्डवेयर को नियंत्रित करता है और उन्हें कार्य करने के लिए आग्रह करता है। इस प्रकार, हम कह सकते हैं कि जिस प्रकार मस्तिष्क के बिना एक मानव शरीर काम नहीं कर सकता, ठीक उसी प्रकार एक सॉफ्टवेयर के बिना एक हार्डवेयर किसी कार्य का नहीं। सॉफ्टवेयर को मुख्य तौर पर तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:


computer software ki jankari/system software/ कंप्यूटर सॉफ्टवेयर

के कार्य और प्रकार


1. System software ( सिस्टम साॅफ्टवेयर )

2. Application software ( एप्लीकेशन साफ्टवेयर )

4. Utility software ( यूटिलिटी साॅफ्टवेयर )


System software ( सिस्टम साॅफ्टवेयर )


सिस्टम सॉफ्टवेयर का उपयोग कम्पयूटर के हार्डवेयर के साथ नियंत्रण, प्रबंधन और काम करने के लिए या उच्च भाषा में लिखी गई निर्देशों को मशीन भाषा में बदलने के लिए किया जाता है। इसे सिस्टम सॉफ़्टवेयर के रूप में निम्नानुसार वर्गीकृत किया गया है।
1. Operating software ( ऑपरेटिंग साफ्टवेयर )
2. Programing language
3. Translator



Operating software ( ऑपरेटिंग साफ्टवेयर )


दोस्तों अब जानते हैं operating system  क्या है।ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर निर्देशों का वह समूह है जो कंप्यूटर के भौतिक घटनाओं को कंट्रोल प्रोग्राम है जो कंप्यूटर को चलाता है और एक शेड्यूलर के रूप में कार्य करता है।  यह कंप्यूटर के सभी घटकों को नियंत्रित करता है। यह कंप्यूटर के हार्डवेयर का उपयोग करना आसान बनाता है। ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर को दो निम्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

Singal program system ( os ) 


एक बार में एक एप्लिकेशन प्रोग्राम को चलाने की अनुमति देता है। क्योंकि इस प्रोग्राम का उपयोग साधारण कार्यों को करने के लिए किया जाता है।

Multi-user program: (मल्टी-यूज़र प्रोग्राम ) 


यह कई उपयोगकर्ताओं को कंप्यूटर पर काम करने की अनुमति देता है। इस प्रोग्राम के अनुसार हम कम्प्यूटर पर अनगिनत कार्यों को करने का निर्देश दे सकते हैं।



computer software ki jankari/system software/ कंप्यूटर

सॉफ्टवेयर के कार्य और प्रकार

कम्प्यूटर में पाये जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण आपरेटिंग सिस्टम:
1. Disk Operating system ( MS- DOS )
2. Operating system ( SO/2)
3. Unix and Linux
4. Windows xp
5. Windows vista
6. Windows 7
7. Windows 8.8
8. Windows 10

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कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के कार्य और प्रकार

Programing Language ( प्रोग्रामिंग भाषा )


प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कम्प्यूटर के दोनों पक्षों ( साफ्टवेयर और हार्डवेयर ) के बीच संचार का काम करता है, चाहे वे मशीनें हों या मनुष्य हमेशा एक आम भाषा की आवश्यकता होती है। कंप्यूटर निर्देशों के संचार यानि कम्प्यूटर को निर्देश देने के लिऐ उपयोग की जाने वाली भाषा को प्रोग्रामिंग भाषा के रूप में जाना जाता है। कम्प्यूटर में उपयोग होने वाली भाषा एक मशीनी भाषा ( 0-1) होती है, जिसे कम्प्यूटर समझता है।

Translator ( ट्रांसलेटर )


Computer हमारी भाषा को समझने के लिए ट्रांसलेटर का इस्तेमाल करता है। कम्प्यूटर में ट्रांसलेटर का इस्तेमाल किसी भी प्रोग्राम को मशीन लैंग्वेज में ट्रांसलेट करने के लिए किया जाता है।
1. Assembler( असेम्बलर)
2. Interpreter ( इंटरप्रेटर )
3. Compiler ( कंपाइलर )

Assembler ( असेम्बलर )


दोस्तों हमें पता ही है कि कम्प्यूटर सिर्फ मशीनी भाषा ( 0-1 ) को समझता है। असेम्बलर एक सिस्टम साफ्टवेयर है जो असेम्बली भाषा को मशीनी भाषा में कनवर्ट करता है। असेम्बलर निम्न स्तरीय भाषा ( Low level language ) को मशीन भाषा में परिवर्तित करता है। यह एक असेंबली भाषा जो निम्न स्तरीय भाषा होती है जिसे असेम्बलर मशीनी भाषा में कनवर्ट करता है और कम्प्यूटर को समझने योग्य भाषा में बनाता है।


Interpreter ( इंटरप्रेटर )


दोस्तों इंटरप्रेटर भी असेम्बलर की तरह ही काम करता है जो हाई लेवल लैंग्वेज ( HLL ) को मशीनी भाषा में कनवर्ट करता है। परन्तु इंटरप्रेटर प्रोग्रामिंग के समय हाई लेवल लैंग्वेज को एक साथ परिवर्तित न करके एक - एक लाइन मशीनी भाषा में परिवर्तित करता है। for example- Basic.

Compiler ( कंपाइलर )


कम्पाइलर हाई लेवल लैंग्वेज को मशीनी भाषा में एक साथ कनवर्ट करता है। यह इंटरप्ररेटर की तरह ही काम करता है परन्तु इसकी खास बात यह है कि यह प्रोग्रामिंग के दौरान हुऐ गलतियों का संकेत भी देता है। COBOl, FORTRAN, C++, ऐ सभी हाई लेवल लैंग्वेज के मुख्य उदाहरण हैं।


Application software ( एप्लीकेशन  साफ्टवेयर )

एप्लीकेशन साफ्टवेयर निर्देशों का वह समूह होता जिसके द्वारा कम्प्यूटर पर किसी विशेष कार्य को आसानी से कर सकते हैं। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर वे साफ्टवेयर होते हैं जो किसी पार्टीकूलर कार्य के लिए बनाये जाते है। एप्लीकेशन साॅफ्टवेयर एक ऐसा प्रोग्राम है जो किसी विशेष कार्य के लिऐ सक्षम है जैसे को एप्लीकेशन बनाना हो, लेटर तैयार करना हो स्लाइड बनाना हो या फिर कोई डेटा तैयार करना हो। एप्लीकेशन साॅफ्टवेयर के माध्यम से आडियो बिडिओ प्लेयर सम्बधिंत कार्य और  एडिटिंग आसानी से कर सकते हैं। एप्लीकेशन साफ्टवेयर के उदाहरण निम्नलिखित हैं।



1. Ms word 
2. Ms excel
3. Ms power point
4. Ms access 
5. Media player

एप्लीकेशन साॅफ्टवेयर उपयोगिता के अनुसार दो प्रकार के होते हैं।


1. General perpose application software 
2. Special perpose applicaion software 

 

जनरल परपस् एप्लीकेशन साॅफ्टवेयर वे साफ्टवेयर होते हैं जो किसी जनरल परपस् के लिया बनाया गया होता। इस साॅफ्टवेयर के अन्तर्गत हम कम्प्यूटर आधारित डिजाइनिंग, सूचना संचार, डेटावेस मैनेजमेंट सिस्टम ( database management system ) वर्ड प्रोसेसिंग ( word processing) जैसे कार्य आसानी से कर सकते हैं और इस साॅफ्टवेयर का उपयोग शिक्षा और व्यापार के लिऐ भी किया जाता है। 

Special perpose applicaion software

 

इस साॅफ्टवेयर का प्रयोग कम्प्यूटर में किसी विषेश कार्यों के लिये किया जाता है। आजकल इस साॅफ्टवेयर का उपयोग घरों मे प्रयोग होने वाले कम्प्यूटरों में और साथ ही  अस्पतालों, व्यापारिक, स्कूलों और रेलवे स्टेशन वायुयान संग्राहलयों में किया जाता है।  

Utility software ( यूटिलिटी साॅफ्टवेयर )


यूटिलिटी साफ्टवेयर ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो कोई सिस्टम साॅफ्टवेयर तो नहीं होते परन्तु इनका उपयोग  उपयोगकर्ता को काम करते समय बार- बार होती है। जैसे - text edditor, file sorting program, deta selection program, disk management program etc.



हेलो दोस्तों आज हमने कम्प्यूटर के लिऐ महत्वपूर्ण कंप्यूटर साॅफ्टवेयर की जानकारी दी है। ऐ पोस्ट हमे उम्मीद है कि आपके लिऐ हेल्पफुल होगी। अगर आपको मेरी पोस्ट अच्छी लगी हो तो कमेंट करके जरूर बताना। 


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