ms word 2010 insert tab functions in hindi,ms
word में tebles का उपयोग कैसे करे ?
इन्सर्ट टैब माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के डॉक्यूमेंट की कार्य प्रणाली को आगे बढ़ाने के लिए होता है। इन्सर्ट टैब माइक्रोसॉफ्ट वर्ड का दूसरा टैब है जिसका मतलब डॉक्यूमेंट में कोई अन्य वस्तु को जोड़ना होता है अर्थात इस टैब के द्धारा हम अपने डॉक्यूमेंट के अनुसार बहुत सारे कम्पोनेंट जोड़ सकते हैं। यहाँ कॉम्पोनेन्ट का मतलब formatting tools से है। इस टैब का वास्तविक मतलब कॉम्पोनेंट को जोड़ना होता है।
ms word 2010 insert tabs Options in hindi
Page :-
पेज इन्सर्ट टैब का पहला समूह है जिसका कार्य डॉक्यूमेंट में पेज के सम्बंधित होता है।
Cover page :-
इस निर्देश के द्धारा हम अपने डॉक्यूमेंट में कवर पेज लगा सकते हैं। कवर पेज का मतलब जिस डॉक्यूमेंट को बनाते हैं उसका कवर पेज देना होता है। अब सवाल यह है की कवर पेज कहाँ लगाया जाता है ? कवर पेज जब हम कभी ऐसे डॉक्यूमेंट को बनाते हैं जो बहुत ही क्रिएटेड है जैसे बुक्स। मान लीजिये हम कोई बुक्स लिखते हैं तो जिस टॉपिक पर हमारी बुक होगी उसका नाम और टाइटल कवर पेज में जोड़ देते हैं।
Blank Page :-
इस निर्देश के द्धारा हम अपने डॉक्यूमेंट के पेज को चेंज कर सकते हैं। सायद आपको पता होगा की हम कोई डॉक्यूमेंट बनाते हैं तो हमें एक पेज की जरुरत पड़ती है और टॉपिक के अनुसार पेज को ब्लेंक पेज को डॉक्यूमेंट में जोड़ सकते हैं।
Break Page :-
इस निर्देश के द्धारा हम अपने डॉक्यूमेंट को अलग - अलग पेजों में तोड़ सकते हैं। इस निर्देश का प्रयोग हम अपने पेजों को कहीं से ब्रेक कर सकते हैं।
ms word में tebles options का उपयोग कैसे करे ?
Tebles :-
माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में इस निर्देश का प्रयोग टेबल इन्सर्ट करने के लिए किया जाता है। इसके द्धारा जब हमें डाटा को टेबल में दिखाने का प्रस्ताव होता है तब हम टेबल निर्देश का प्रयोग करते हैं जिसे रो और कालम में लिख सकते हैं। इस निर्देश के द्धारा हम किसी भी डॉक्यूमेंट के लिए टेबल बना सकते हैं। इस निर्देश के नीचे कुछ टेबल पहले से बनी होती हैं जिसे हमें डॉक्यूमेंट के अनुसार इन्सर्ट करना होता है। इस टैब को ओपन करने पर दो टैब ( Design, Layout ) और जुड़ जाते हैं जिन्हे हम टेबल टूल्स के नाम से जानते हैं।
Ms word में teble कैसे बनाते हैं ?
Insert Teble :-
इस निर्देश के द्वारा हम अपने डॉक्यूमेंट के लिए number of columns, number of row के प्रयोग से मनपसंद टेबल क्रिएट कर सकते हैं।
Auto fit Behavior :-
इस निर्देश के अंतर्गत हम रौ और कालम को अपने अनुसार सेट करके टेबल बना सकते हैं।
Fixed Column width :-
इस निर्देश के द्वारा Auto पर सेट हुए रौ और कालम की लम्बाई और चौड़ाई को अपने अनुसार मैनेज कर सकते हैं और डाटा के अनुसार टेबल को सेट कर सकते हैं।
Auto fit to contents :-
इस निर्देश को सेलेक्ट करके टेबल क्रिएट करने पर टेबल की लम्बाई और चौड़ाई कम हो जाती है परन्तु जब हम किसी डाटा को टेबल के अंदर लिखते हैं तो टेबल की लम्बाई और चौड़ाई डाटा के अनुसार बढ़ और घाट जाती है।
Auto Fit to wondow :-
इस निर्देश को सिलेक्ट करके जब हम टेबल बनाते हैं तो टेबल की लम्बाई और चौड़ाई पुरे पेज पर दिखाई देता है।
Draw Teble :-
इस टूल्स के द्वारा हम टेबल को अपने डाटा के अनुसार बना सकते हैं। इसे सिलेक्ट करने पर एक पेंसिल मिल जाती है जो यूजर के निर्देशानुसार प्रयोग किया जाता है।
excel spreadsheet :-
इस निर्देश के द्धारा हम एक्सेल के spreadsheet का इस्तेमाल करके काम को कर सकते है। इस ऑप्शन पर जब हम क्लिक करते हैं तो एक्सेल का सारा टूल्स वर्ड पर आ जाता है। जिसका प्रयोग करके किसी भी प्रोजेक्ट पर काम करना वर्ड पर आसान हो जाता है।
Quick tebles :-
इस निर्देश को सिलेक्ट करके डॉक्यूमेंट अपने के अनुसार हम किसी भी बनी बनाई टेबल को इन्सर्ट कर सकते हैं।
इसके अंतर्गत हमें कैलेंडर का फॉर्मेट और डाटा मिल जाता है।
Ms word मे teble Desgin tab का उपयोग कैसे करें ?
Teble Design :-
माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में इस टैब का प्रयोग केवल टेबल के सम्बंधित कार्यों को कर सकते हैं। इस टैब में टेबल के लिए बहुत सारे डिज़ाइन में मिल जाते हैं जिसका उपयोग अपने कार्य के अनुसार कर हैं। इसके अंतर्गत पाए जाने समूह कुछ इस प्रकार हैं।
Teble Style option :-
इस समूह के अंतर्गत पाए जाने वाले निर्देशों के द्धारा हम अपने टेबल के डिज़ाइन को मैनेज कर सकते हैं और इच्छानुसार टेबल के फॉर्मेट को बना सकते हैं। इन सब निर्देशों प्रयोग करके डिज़ाइन टेबल के फॉर्मेट को अपने अनुसार चेंज भी कर सकते हैं।
table style :-
इस निर्देश के अंतर्गत बहुत सारे टेबल डिज़ाइन मिल जाती हैं जो अपने मनपसंद फॉर्मेट वाली डिज़ाइन का प्रयोग
अपने डॉक्यूमेंट के लिए कर सकते हैं।
Draw border :-
इस निर्देश का प्रयोग टेबल में बॉर्डर लगाने के लिए किया जाता है। इस समूह के अंदर हमें ड्रा टेबल और इरेजर भी मिल जाता है। Draw Teble से हम एक विशेष लाइन का प्रयोग करके टेबल को ड्रा कर सकते हैं और eraser के द्धारा किसी भी टेबल को मिटा सकते हैं। इस टूल्स के द्धारा हम अपने टेबल के लिए बहुत सारे फॉर्मेट का प्रयोग कर सकते हैं और टेबल के आउट लाइन को कलर भी दे सकते हैं।
Layout :-
इस टैब के द्धारा हम टेबल के लेआउट के सम्बंधित सेटिंग्स को मैनेज कर सकते हैं। टेबल कैसा दिखाना है और क्या कमियां हैं और हम किस प्रकार का टेबल शो कर सकते हैं ये सारे कार्य इस टैब के अंतर्गत कर सकते हैं। इसके अंतर्गत पाए जाने वाले विकल्प कुछ इस प्रकार हैं।
Teble :-
इस निर्देश का पहला विकल्प select है जिसके द्धारा हम टेबल के रॉ कालम और टेबल को सेलेक्ट कर सकते हैं।
view Gridlines के द्धारा हम अपने टेबल के रॉ और कालम को Show और Hide कर सकते हैं।
Properties के द्धारा हम अपने टेबल के रॉ और कालम को मैनुअली सेट कर सकते हैं और टेबल को टेक्स्ट के अनुसार left, right, center में भी सेट कर सकते हैं।
Delete :-
इस ऑप्शन के अंतर्गत टेबल के रॉ और कालम के साथ ही सेल और टेबल को भी डिलीट कर सकते हैं।
Raw & Column :-
इस ऑप्शन के अंतर्गत ( Insert avobe insert below insert right insert left ) हम अपने टेबल में खाली रॉ और कालम को टेबल के डाटा के अनुसार ऊपर - नीचे, राइट - लेफ्ट में जोड़ सकते हैं।
Merge :-
इस ऑप्शन द्धारा हम अपने सेल को Merge अर्थात सिलेक्टेड रॉ और कालम को मिटा सकते हैं।
Merge cell के द्वारा हम एक से अधिक सेल को मिलाकर एक सेल बनाते हैं और Split cell से एक ही सेल के अंतर्गत बहुत सारे सेल बना सकते हैं। Split teble के द्धारा टेबल को अलग - अलग भागों में बाँट सकते हैं।
Cell size :-
इस निर्देश द्धारा टेबल के रॉ और कालम के width और hight को डाटा के अनुसार कम और ज्यादा कर सकते हैं।
Distribute raw के द्धारा टेबल के अंदर असमान हुए रॉ के width और hight को टेबल के अनुसार बराबर कर सकते हैं और Distribute column के द्धारा असमान हुए कालम के width और hight को एक समान अवस्था में कर सकते हैं।
Alignment :-
इस ऑप्शन अंतर्गत सेल में इनपुट वैलु को अपने अनुसार ( लेफ्ट - राइट, ऊपर - नीचे, सेण्टर ) सेट कर सकते हैं
text Direction के द्धारा सेल में इनपुट टेक्स्ट को उल्टा - सीधा अपने डॉक्यूमेंट के अनुकूल कर सकते हैं।
Cell Margin के द्धारा सेल के width और hight को डाटा के अनुसार घटा - बढ़ाकर मैनुअली सेट कर सकते हैं।
Data :-
इस निर्देश को दिए गए विकल्प के अनुसार समझना आसान है।
Sort :-
इस ऑप्शन का मतलब डाटा को सॉर्ट करना है। मान लेते हैं आपके टेबल में कुछ वैलु A c b e d इस प्रकार दिया हो तो उसे हम ascending A-Z ( A B C D E ) में और descending Z-A (E D C B A ) वैलु में कर सकते हैं।
Repeat Header raw :-
इस ऑप्शन के द्धारा किसी टेबल में दिए हुए हैडर को प्रत्येक टेबल में रीपीट कर सकते हैं। जब हम कभी कोई बड़ी टेबल बनाते हैं जिसका फॉर्मेट कई पेजों तक जाता है उस स्थिति में उसी हैडर को प्रत्येक पेज के टेबल में हैडर को दिखा सकते हैं।
Convert to text :-
इस ऑप्शन के द्धारा टेबल के अंदर इनपुट टेक्स्ट नार्मल टेक्स्ट की तरह कन्वर्ट हो जाता है। जिसमे टेबल के सम्बंधित कोई भी ऑप्शन नहीं दिखाई देता।
Formula :-
इस ऑप्शन का प्रयोग टेबल में उपस्थित वैलु को जोड़ने घटाने और टोटल करने के लिए किया जाता है।
Ms word 2010 insert tab notes in hindi
Illustrations :-
इस निर्देश के द्धारा हम वर्ड डॉक्यूमेंट में ग्राफिक्स को इन्सर्ट कर सकते हैं। माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में इस ऑप्शन का प्रयोग करके हम अपने आवशयकता अनुसार ग्राफिक्स ( Image, shapes,clip art, smart art ) और screenshot का इस्तेमाल कर सकते है।
Image :-
इस ऑप्शन के द्वारा हम अपने डॉक्यूमेंट में किसी भी प्रकार की इमेज को सिलेक्ट करके इन्सर्ट कर सकते हैं।
shapes :-
इस निर्देश के द्धारा हम डॉक्यूमेंट के आवश्यकता के अनुसार किसी भी ग्राफिक्स को इन्सर्ट कर सकते हैं।
clip art :-
इस ऑप्शन के द्धारा हम अपने टॉपिक के अनुसार पिक्टर ले सकते हैं। यहाँ माइक्रोसॉफ्ट वर्ड की खुद की एक स्टोर की हुई पिक्टर उपस्थित रहती है जिसे सर्च करके इन्सर्ट कर सकते हैं।
smart art :-
इस निर्देश का प्रयोग हम किसी भी प्रकार के ग्रुप को एक चार्ट में दिखाने के लिए करते हैं। इस ऑप्शन को सेलेक्ट करने पर चार्ट के बहुत सारे लिस्ट दिखाई देते हैं जो अलग - अलग कैटेगरी के होते हैं जिसका प्रयोग हम माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में वस्तुओं के समूह बनाने के लिए करते हैं।
screenshot :-
इस निर्देश का प्रयोग हम अपने क्रिएटेड डाटा का स्क्रीन शॉट लेने के लिए करते हैं।
Links :-
इस निर्देश का प्रयोग वर्ड डॉक्यूमेंट में लिंक डालने के लिए किया जाता है। यहाँ लिंक का मतलब है किसी विशेष डॉक्यूमेंट को किसी विशेष शब्द के साथ लिंक करना। इसके द्धारा वर्ड में काम करना बहुत आसान हो जाता है। इस निर्देश द्वारा वर्ड डोक्युमेन्ट में ( Hyperlink
Bookmark cross-reference ) जैसे लिंक लगा सकते हैं।
Header & Footer :-
इस निर्देश के द्धारा हम डॉक्यूमेंट में हैडर और फुटर डाल सकते हैं। हैडर का इस्तेमाल पेज के ऊपर किसी टाइटल या पेज नम्बर को डालने के लिए किया जाता है और वहीँ फुटर का इस्तेमाल भी पेज के निचले भाग में डेट और टाइम या फिर नाम लिखने के लिए किया जा सकता है।
Text :-
इस समूह के द्धारा डॉक्यूमेंट में विभिन्न प्रकार के टेक्स्ट ( text box, Quick part, word art ) का प्रयोग कर सकते हैं। इस समूह के अंतर्गत हम signature line, date & time के फॉर्मेट को इन्सर्ट कर सकते हैं।
Symbols :-
इस ऑप्शन के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के Equation और Symbol होते हैं जिसका प्रयोग हम गणितीय डॉक्यूमेंट बनाते समय करते हैं। जब हम वर्ड पर कभी किसी गणित का पेपर बनाते हैं तो इस ग्रुप के अंतर्गत आने वाले सभी ऑप्शन का प्रयोग करते हैं।
हेलो दोस्तों मैं संजय कुमार और आपके लिए कम्प्यूटर से सम्बन्धित नोट्स लाता रहता हूं। आज आपको ऐ पोस्ट कैसी लगी। कृप्या कमेंट करें।


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