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What is a vpn server ? VPN के टॉप 5 जानकारी हिंदी में।

What is a vpn server ? VPN के टॉप 10 जानकारी हिंदी में।



नमस्कार दोस्तों आज हम बताने वाले हैं vpn के top 5 जानकारी के बारे में जिसे जान कर आप भी अपने मोबाइल या कंप्यूटर के डाटा को हैक होने से बचा सकते हैं, तो इसके लिए आपको हमारे इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक ध्यान से पढ़ना होगा। दोस्तों vpn के टॉप 5 जानकारी जरूर दूंगा मगर उसके लिए आपको हमारे पहले प्वाइंट को जरूर पढ़ना होगा, जिसमे मैं बताने वाला vpn क्या है? और vpn ka full form kya hai? तो आओ जाने -


What is a vpn server ? VPN के टॉप 10 जानकारी हिंदी में।

What is a vpn server ? VPN के टॉप 10 जानकारी हिंदी में।



VPN ka full form kya hai?


Vpn का विस्तृत नाम virtual private network ( वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) है। यानी की VPN एक ऐसा network, जो हमारे कंप्यूटर या मोबाइल से physically present नहीं होता है, पर वह logically present होता है। यहाँ physically present का मतलब यह है कि जो वायर के माध्यम से किसी भी नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर की मदद से एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क में, एक से अधिक जगहों पर नेटवर्क कनेक्शन पहुंचाता है। वर्चुअल नेटवर्क क्या करता है कि इसी physically उपयोग हो रहे नेटवर्क का प्रयोग करके एक अलग ही नेटवर्क बनाता है, जो की उस physically network को यूज कर रहे किसी वेबसाइट पर काम कर रहे यूजर को भी पता नहीं चल पाता है कितना ट्रैफिक जा रहा है की जो नेटवर्क वह यूज कर रहा है उस पर किसी अन्य नेटवर्क भी काम कर रहा है। यानी यह हमारे फोन के लोकेशन को छुपाता है और हमारे डाटा को प्रोटेक्ट करता है।



What is a vpn server ? VPN के टॉप 5 जानकारी हिंदी में।


Vpn का उपयोग हम तब करते हैं जब हम किसी प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। सफर में जा रहे ट्रेन पर या रेलवे स्टेशनों पर वाईफाई का इस्तेमाल करते हैं, जो एक पब्लिक नेटवर्क होता है, इसी नेटवर्क का यूज करने से हमारे फोन के डाटा असुरक्षित रहते हैं, इसी असुरक्षित डाटा को प्रोटेक्ट करने के लिए आजकल लोग अपने फोन में vpn यूज करते हैं।


How to use VPN? VPN का उपयोग -

 


दोस्तों मेरा आज का टॉपिक और टॉपिक्स से बिल्कुल ही अलग है। आज मैं आप लोगो को बताने वाला हूं एक ऐसे टॉपिक्स के बारे में जिसे इंटरनेट यूज कर रहे यूजर के अलावा किसी को भी नहीं पता होगा, मगर उससे पहले मैं अवगत कराना चाहता हूं, की आजकल टेक्नोलॉजी की इस बढ़ती हुई दुनिया में साइबर क्राइम बढ़ते जा रहे है क्योंकि दुनिया में बहुत सारे ऑनलाइन व्यवसाय और कंपनियां हो गई हैं, इंटरनेट के द्वारा अपना व्यवसाय करती है जैसे बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, पैसे ट्रांसफर करना, इन्ही सब technologies की वजह से लोग अब पैसा कमाने के लिए किसी के घर और किसी के कंपनी में सीधे चोरी करना कम कर दिए हैं। आजकल जो चोरिया हो रही हैं ओ सारी चोरियां इंटरनेट के माध्यम से हो रही हैं, जिसे हम उसे साइबर क्राइम के नाम से जानते हैं।



दोस्तों ये चोरियां कैसे हो जाती है और क्यूं हो जाती हैं। वैसे ये चोरियां आमतौर पर हमारे ही डाटा को हैक करके होती हैं। इन हैक हुए डाटा का इस्तेमाल करके लोग अपना मार्केट किसी अन्य कंपनियों को शेयर करते हैं और पैसा कमाते हैं, इन्ही हैकिंग प्रणाली को रोकने के लिए सिक्योर बनाने के लिए हम vpn यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल अपने फोन या कंप्यूटर में करते हैं।


Vpn यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क एक ऐसा नेटवर्क होता है, जो हमारे नेटवर्क को सुरक्षित बनाती है और साथ हमारे फोन या कंप्यूटर के डाटा हैक न हो जाए उसके लिए सुरक्षा प्रदान करती है। 


How to use VPN? VPN का उपयोग -


दोस्तों ये तो हो गई vpn कैसे हमारे डाटा को छुपाता है और हैक होने से बचाता है। मगर सायद ही आपको पता होगा कि VPN का उपयोग कहा और कब होता है? आपके जानकारी के लिए बता देता हूं vpn एक ऐसा app है, जिसका उपयोग हम किसी भी देश में बंद हो गए गेम या वेबसाइट को अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर में चला सकते हैं। इसका तात्पर्य यह है की जैसे मान लेते हैं, कि को ऐसा एप्लीकेशन है या फिर गेम है या फिर कोई वेबसाइट है, जो इंडिया में बैन हो गई है, जिसे हमे वैसे आसानी से कभी ओपन नहीं कर सकते। इसी बैन हो गए वेबसाइट्स या गेम को चलाने के लिए हम अलग अलग vpn का उपयोग करते हैं। VPN करता क्या है, कि हमे जिस वेबसाइट या गेम को चलाना होता है, उस वेबसाइट या गेम को इंडिया के सर्वर पर न ओपन करके अन्य किसी country के सर्वर पर ओपन करता है, जिसे इंडिया के गवर्नमेंट और आईएसपी से छुपाता है।



Vpn kaise kaam karti hai?


दोस्तों जब हम एक सिक्योर vpn सर्वर कनेक्ट होते हैं तब हमारा इंटरनेट ट्रैफिक एक इंटरनल टनल से होकर गुजरता है, जिसे कोई देख नहीं सकता। यानी न तो हैकर्स, न ही गवर्नमेंट, और न ही इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर हमारे डाटा को रीड नहीं कर सकते। Vpn कैसे काम करता है? उसे समझने के लिए इसके दो सिचुएशन को समझना पड़ेगा।


Without VPN

With VPN 


Without VPN- 


दोस्तों जब हम बिना vpn का किसी भी वेबसाइट पर विजिट करने के लिए एक्सेस लेते हैं तो उस इंटरनेट सर्विस प्रवाइडर यानी ISP के माध्यम से ही साइड को कनेक्ट कर पाते हैं और आईएसपी हमे एक अलग आईपी एड्रेस देता है। आईएसपी हमारे डिवाइस को आईपी एड्रेस क्यों देता है, क्योंकि आईएसपी ही हमारा पूरा ट्रैफिक हैंडल करता है, जिससे भाई आईएसपी हम जिस वेबसाइट पर विजिट करने वाले हैं, यूज पता चल जाता है और हमारे डाटा को पढ़ लेता है। अब इसमें हमारे डाटा सिक्योर नहीं हैं। 


With VPN -


दोस्तों अब हम बात करते हैं with VPN। जब हम vpn के साथ इंटरनेट पर कनेक्ट होते हैं, तो हमारे डिवाइस में जो vpn apps होते हैं, वो हमे vpn सिक्योर सर्वर प्रदान करते है, जिससे हमारे फोन के ट्रैफिक डाटा, आईएसपी टनल के माध्यम से ही पास होता है मगर उसके बावजूद भी आईएसपी देख नहीं पाता है और हम जिस वेबसाइट पर विजिट होते हैं वह हमारे एक्चुअल आईपी एड्रेस को नहीं देख पाता।




Vpn का उपयोग कब करना चाहिए? और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?


Vpn को 1996 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने बनाया था ताकि ऐसे employee जो अपने ऑफिस में बैठकर काम नहीं करते वो कंपनी या ऑफिस से बाहर रहकर दूसरे जगहों पर बैठकर काम करते हों, वो कंपनी इंटरनेट नेटवर्क सिक्योर एक्सेस ले सकें। इसके लिए माइक्रोसॉफ्ट ने VPN का निर्माण किया।


दोस्तों अगर अब बात करें, कि VPN का यूज हमे कब-कब करना चाहिए? तो जान लीजिए हमे जब जब भी इंटरनेट का इस्तेमाल करना होता हैं तब तब प्राइवेसी रखना ही चाहे, तो उसके लिए हमे vpn ऐप्स को इंस्टॉल करना होता है। मगर कुछ ऐसे कंडीशन और भी होते है, जहां पर हमे vpn का उपयोग करना ही चाहिए। जैसे -


  • Streaming के दौरान
  • ट्रेवलिंग के दौरान
  • पब्लिक वाईफाई उपयोग करते समय
  • गेम खेलते समय
  • शॉपिंग करते समय
  • पैसा भेजते समय



Type of VPN ? VPN कितने प्रकार का होता है?


दोस्तों हमने अभी तक जाना vpn क्या होता है और vpn कैसे काम करता है और साथ ही जाना हमे vpn का उपयोग कब करना चाहिए? अब हम जानेंगे vpn कितने प्रकार का होता है? तो आओ जानें -

VPN मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं।


Remote - access VPN

Site to site vpn


Remote-access VPN-


Remote - access vpn के माध्यम से हम दूसरे नेटवर्क प्राइवेट इंफक्शन टनल के जरिए कनेक्ट हो पाते हैं इसके जरिए कंपनी के नेटवर्क सर्वर से और किसी भी पब्लिक नेटवर्क से हम कनेक्ट हो सकते हैं।




The site to site VPN -


दोस्तों इस तरह के नेटवर्क को राउटर टू राउटर वीपीएन भी कहा जाता है। इस तरह के vpn का यूज ज्यादातर उस बड़े से बड़े कॉरपोरेट कंपनियों में किया जाता है, जिस कंपनी के अलग - अलग हेड ऑफिस हों। इसमें क्या होता है कि इसमें साइट टू साइट बीपीएन ऐसा closed इंटरनल नेटवर्क बना देता है, जहां पर सभी हेड ऑफिस के लोकेशन एक साथ कनेक्ट हो सकें।


VPN के लाभ -


अगर हम बात करे पीवीएन के लाभ के बारे में तो यह हमारे फोन या डिवाइस में मौजूद browsing history, ip address, location, streaming location, device and web activity को hide कर देता है, जिससे हमारे फोन या डिवाइस के डाटा सुरक्षित रहते हैं। दोस्तों इसके लाभ के साथ ही इसके कुछ हानिकारक भी होते हैं।

जैसे -


Slow speed-

No cookies protection


Not total privacy- 


दोस्तों इतना सिक्योर होने के बावजूद vpn को पूरी तरह vpn provider नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि यह हैकर, गवर्नमेंट और आईएसपी से तो डाटा को सिक्योर और हाइड कर सकते है मगर vpn चाहे तो हमारे डाटा को देख सकता है। 



Top 10 best VPN application download


दोस्तों vpn apps से भी देखा जाए तो डाटा सेफ नहीं हो सकता मगर कुछ vpn application होते हैं, जो भरोसेमंद होते हैं। इसी में से हम बताएंगे Top 10 best VPN application के बारे में, जो पीसी और स्मार्टफोन के लिए अलग-अलग होते हैं।

 

Top best pc version VPN download


  • Finch VPN
  • Open VPN
  • CyberGhost
  • Hotspot Shield
  • Windsribe
  • Surf Easy
  • ZPN connect
  • Tunnel Bear
  • Zenmate
  • Total VPN 

Top best smartphone version VPN download

    

  • Buffered VPN
  • Tiger VPN
  • Safer VPN
  • Nord VPN
  • Windscribe VPN
  • Express VPN


दोस्तों vpn के बारे में समझने के लिए हमे प्राइवेट नेटवर्क को समझना होगा, क्योंकि vpn एक प्राइवेट नेटवर्क होता है और उसे के सर्वर पर काम करता है। तो उसके लिए हमे थोड़ा सा जानना होगा प्राइवेट नेटवर्क होता क्या है?


प्राइवेट नेटवर्क क्या है?


दोस्तों प्राइवेट नेटवर्क एक ऐसा network होता,  जो RFC 1918 के नियमों का पालन करते हुए एक प्राइवेट आईपी अड्रेस का उपयोग करता है। ये ज्यादातर प्राइवेट नेटवर्क के लिए होते हैं और उसके लिए एक प्राइवेट जैसे घर, कार्यालय और प्राइवेट कंपनियों में लोकल एरिया नेटवर्क का उपयोग किए जाते हैं। 


READ MORE:
हेलो दोस्तों आज हमने इस पोस्ट में vpn किसे कहते और vpn कैसे काम करता है? बताया है। दोस्तों इसके अलावा भी मैंने vpn को कब और किसको उपयोग करना चाहिए बताया है। अगर आपको मेरी यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो प्लीज़ कमेंट करके जरूर बताना।

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